"निशा की बेला में विश्राम के लिए
मुक्त गगन को जायें
अपने परमपिता की पावन गोद में
हम निश्चिन्त सो जायें, सो जायें,
सो जायें, सो जायें, सो जायें...
निशा की बेला में विश्राम के लिए
मुक्त गगन को जायें
अपने परमपिता की पावन गोद में
हम निश्चिन्त सो जायें, सो जायें,
सो जायें, सो जायें, सो जायें...
ओम शान्ति, शान्ति , ओम शान्ति, शान्ति ,ओम शान्ति, शान्ति
ओम शान्ति, शान्ति...
ओम शान्ति का मंत्र गूंजे, चलती साँसों में
परमशान्ति आनन्द उपजे तेरी आँखों में
बाबा की यादों में, प्यारी-सी बातों में
मीठे बच्चे खो जायें, खो जायें
सो जायें, सो जायें, सो जायें
आओ समेटें दिन भर के, कर्मों का विस्तार
ईश्वर का धन्यवाद करें हम, चलें संकल्पों के पार
सुख का झूला हो, सद्गुण की निद्रा हो
बाबा का संग पा जायें,पा जायें
पा जायें,सो जायें, सो जायें...
ओम शान्ति, शान्ति , ओम शान्ति, शान्ति ,ओम शान्ति, शान्ति
ओम शान्ति, शान्ति
बाबा की मुस्कान मनोहर, दिव्य है उनका दुलार
माँ की मीठी ममता है, परमपिता का प्यार
हाथ रखे वरदानी, अनुभव हो रूहानी
सतयुग प्रभात पा जायें...पा जायें
सो जायें,सो जायें,सो जायें
निशा की बेला में विश्राम के लिए
मुक्त गगन को जायें
अपने परमपिता की पावन गोद में
हम निश्चिन्त सो जायें, सो जायें,
सो जायें, सो जायें, सो जायें...
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