ित याद करो मन से शिव को
नित याद करो मन से शिव को
नित याद करो मन से शिव को
नित याद करो मन से शिव को
कल्प के अंत में शिव जब आए
संगमयुग ही तब कहलाए
कल्प के अंत में शिव जब आए
संगमयुग ही तब कहलाए
साधारण स्वरूप धारण किए
श्रेष्ठ कर्म करना सिखलाए
साधारण स्वरूप धारण किए
श्रेष्ठ कर्म करना सिखलाए
सुख शांति पवित्रता दे तुम को
नित याद करो मन से शिव को
शिव बाबा अलभ्य नहीं तुमको
सद्गुण प्रदान किए तुम को
शिव बाबा अलभ्य नहीं तुमको
सद्गुण प्रदान किए तुम को
मन दर्शन सुलभ शुद्ध करो
निज आतम में तेज प्रकाश भरो
अब दिव्य करो निज जीवन को
नित याद करो मन से शिव को
अब दिव्य करो निज जीवन को
अब दिव्य करो निज जीवन को
अब दिव्य करो निज जीवन को
अब दिव्य करो निज जीवन को
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