ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
देह की दुनिया भुलाये ये नैना
शीतल बनाये चित्त पाए है चैना
श्रीमत की डोर से बान्धे हिंडोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
प्यार का सागर, पास में आकर
लहरों से भरता जीवन गागर
प्यार का सागर, पास में आकर
लहरों से भरता जीवन गागर
आन मिले, प्राण खिले, हो खिले, हो खिले
दिल मेरा बाबा बाबा बोले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
मीठी मुरलियाँ, मिश्री की डलियां
महकाती गुण से मन की गलियां
मीठी मुरलियाँ, मिश्री की डलियां
महकाती गुण से मन की गलियां
संग लिये, रंग लिये, हो लिये,हो लिये,
अम्बर में पंख अपने खोले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
तेरी दृष्टि, स्नेह की वृष्टि करके बदली सारी सृष्टि
तेरी दृष्टि, स्नेह की वृष्टि करके बदली सारी सृष्टि
हमें संग ले चले, हो चले , हो चले
पलकों पे अपने होले-होले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
ओ बाबा नैन तेरे उड़न खटोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
बैठ इनमें मनुआ मेरा खुशियों में डोले
