तुमसा नहीं देखा मां कितनी आज्ञाकारी
समाकर स्वयं में सागर को बनी मां सरस्वती प्यारी
हो मीठी मां हमारी ओ मम्मा प्यारी प्यारी मम्मा प्यारी प्यारी
हो हुक्मी हुकुम चलाये हम हां जी करते जाए
अरमान सके हो पूरे फरमान पर चलते जाए
कहां बाबा ने वो किया शिक्षा जीवन में उतारी
हो मीठी मां हमारी ओ मम्मा प्यारी प्यारी
अपलख देखा करती थी महा चंद्र को बन चकोरी
अमृत वचन पी जाती तुम बांध लगन की डोरी
ममता की आँचल में तुमने भर ली दुनियां सारी
हो मीठी मां हमारी मम्मा प्यारी प्यारी
संगठन लिए मिलके चलना संस्कार मिलन भी करना
कोई बदले या ना बदले हमें खुद को है बदलना
सूझ बूझ वो थी गुणी नेत्र लाभ तुम्हारी
हो मीठी मां हमारी मम्मा प्यारी प्यारी
हो मीठी मां हमारी मम्मा प्यारी प्यारी
मम्मा प्यारी प्यारी
