

पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है पलकों में भर ले तुझको अब दिल ये कहता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है तुम बिन हो जाएगा दीदी ज्ञान सरोवर सुना महका दे तेरी खुशबू से इसका कोना कोना दर्द जुदाई का अब हर मन छुपकर सहता है दर्द जुदाई का अब हर मन छुपकर सहता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है बाबा के संग तुम भी देते दीपक में ज्योति दिल में तेरी तस्वीर और आंखों में है मोती यादों के झरनों में अब तो दिल ये बहता है यादों के झरनों में अब तो दिल ये बहता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है वक्त ने ऐसी करवट ली जो तुमसे हो गई दूरी थोड़ा रुक जाती क्यों कि जाना था जरूरी ऐसी बातों में कब किसका जोर चलता है ऐसी बातों में कब किसका जोर चलता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है पलकों में भर ले तुझको अब दिल ये कहता है पास तेरे आने से मन निर्मल रहता है