"पल पल हुए सुहाने प्रभु याद में तुम्हारी
पल पल हुए सुहाने प्रभु याद में तुम्हारी
आनंद के एहसास से ऐसी चढ़ी खुमारी
आनंद के एहसास से ऐसी चढ़ी खुमारी
शीतल शीतल किरणे मन को शीतल करती है
पंख लगाए उमंगों के दूर ले जाती है
तुमसा बनने की प्रभु हम कर रहे है तैयारी
ऐसी चढ़ी खुमारी
तेरी यादों की रोशनी से जीवन हुआ उजियारा खुशियां अथाह मिली मन को पाकर तेरा सहारा
कुदरत का नजारा प्यारा पर तेरी दुनिया सबसे न्यारी
ऐसी चढ़ी खुमारी
एक निराला अनुभव रूहानी धड़कन में होती है
मैं हु एक जगमग मोती जैसे सिपी में मोती है
रिमझिम रिमझिम करती हुई जैसी कोई कोई परी
ऐसी चढ़ी खुमारी
पल पल हुए सुहाने प्रभु याद में तुम्हारी
पल पल हुए सुहाने प्रभु याद में तुम्हारी
आनंद के एहसास से ऐसी चढ़ी खुमारी
आनंद के एहसास से ऐसी चढ़ी खुमारी
आनंद के एहसास से ऐसी चढ़ी खुमारी
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