

पांच तत्व से सजा हुआ है ये अपना संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जल थल तेज पवन गगन ये जल थल तेज पवन गगन ये मिला है जो उपहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार देती पालना हमको सदा जो वो है धरती मां देह बनी है इस मिट्टी से जीसमें है आत्मा देती पालना हमको सदा जो वो है धरती मां देह बनी है इस मिट्टी से जीसमें है आत्मा ज्योति बिंदु है रूप हमारा शांति है संस्कार ज्योति बिंदु है रूप हमारा शांति है संस्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार बहती नदिया कहती हमसे बढ़ता चल तू बढ़ता चल बहती नदिया कहती हमसे बढ़ता चल तू बढ़ता चल महके पवन सा नील गगन में उड़ता चल तू उड़ता चल महके पवन सा नील गगन में उड़ता चल तू उड़ता चल निर्मल शीतल जल सा बनकर बनन तारणहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार पवित्रता सद्चरित्रता से सुंदर सृष्टि होगी दिव्य आभा से सजेंगे मानव दैवी दुनिया होगी पवित्रता सद्चरित्रता से सुंदर सृष्टि होगी दिव्य आभा से सजेंगे मानव दैवी दुनिया होगी स्नेह के सूर्य से चमकेगा बहेगी अमृतधार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार सुख शांति और पवित्रता से सदा हो हम भरपूर सुख शांति और पवित्रता से सदा हो हम भरपूर शांत बनाए सुखी बनाए करे प्रदूषण दूर गुणवान बने सुसभ्य बने जीवन में हो सदाचार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार पांच तत्व से सजा हुआ है ये अपना संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जल थल तेज पवन गगन ये जल थल तेज पवन गगन ये मिला है जो उपहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार करे वंदना पांच तत्व की सभी में स्नेह भरे प्रेम प्यार और आनंदसे सब में शक्ति भरे करे वंदना पांच तत्व की सभी में स्नेह भरे प्रेम प्यार और आनंदसे सब में शक्ति भरे घोले अमृत हृदय हृदय में जैसे बहती धार घोले अमृत हृदय हृदय में जैसे बहती धार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार वसुंधरा ये कह रही संपन्न बनो संपूर्ण बनो वसुंधरा ये कह रही संपन्न बनो संपूर्ण बनो सत्कर्म करो सद्ज्ञान भरो देते रहो दाता बनो सत्कर्म करो सद्ज्ञान भरो देते रहो दाता बनो परिवर्तन का महापर्व ये सब का करो उद्धार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार फूल फूल ये हमको सीखाए सदा ही मुस्काओ जैसे खुशबू फैले मुझसे तुम भी फैलाओ फूल फूल ये हमको सीखाए सदा ही मुस्काओ जैसे खुशबू फैले मुझसे तुम भी फैलाओ दिव्य गुणों से सजके बने हम प्रभु गलेका हार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जीवन जीते अमृत पीते कहता है मधुबन जीवन जीते अमृत पीते कहता है मधुबन तन में प्राण तब है आता जब चलती है पवन तन में प्राण तब है आता जब चलती है पवन प्राण आए प्रण कहलाए सुखमय ये संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार पांच तत्व से सजा हुआ है ये अपना संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जल थल तेज पवन गगन ये जल थल तेज पवन गगन ये मिला है जो उपहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार पवित्रता सद्चरित्रता से सुंदर सृष्टि होगी दिव्य आभा से सजेंगे मानव दैवी दुनिया होगी पवित्रता सद्चरित्रता से सुंदर सृष्टि होगी दिव्य आभा से सजेंगे मानव दैवी दुनिया होगी स्नेह के सूर्य से चमकेगा बहेगी अमृतधार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार विज्ञान बने सुख शांतिमय करे शुभ चिंतन विज्ञान बने सुख शांतिमय करे शुभ चिंतन उपयोग करे सद्भाव भरे व्यर्थ न हो चिंतन अपनाए जो साधनको हम खुशिया मिले अपार अपनाए जो साधनको हम खुशिया मिले अपार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार बूंद बूंद से बनता सागर बूंद है मोती समान जल ही तो जीवन है प्रकृति का ये वरदान बूंद बूंद से बनता सागर बूंद है मोती समान जल ही तो जीवन है प्रकृति का ये वरदान रक्षा कर हम इन्हें बचाए आजकी ये दरकार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार इंद्रधनुष ये कहता हमसे प्रेम एकता हो इंद्रधनुष ये कहता हमसे प्रेम एकता हो सदाचार और दिव्य भाव से सबमे समता हो सदाचार और दिव्य भाव से सबमे समता हो ओम ही आत्मा ॐ ही धूनी ॐ ही संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार पांच तत्व से सजा हुआ है ये अपना संसार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जल थल तेज पवन गगन ये जल थल तेज पवन गगन ये मिला है जो उपहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार तन मन को हम स्वस्थ रखे प्रकृति ये कहती है दिव्य बनकर सबको बनाए यही योग शक्ति है तन मन को हम स्वस्थ रखे पांच तत्व कहते है दिव्य बनकर सबको बनाए यही योग शक्ति है कदम कदम पर आए सफलता आए ऐसी बहार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार जैसा बीज वैसा पौधा वैसा वृक्ष बने जैसा बीज वैसा पौधा वैसा वृक्ष बने जैसा कर्म वैसा ही फल वैसा जीवन बने निस्वार्थ बने ये पेड़ सिखाता सबपे लुटाए प्यार निस्वार्थ बने ये पेड़ सिखाता सबपे लुटाए प्यार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे सत्कार योग ही विज्ञान है योग ही है ध्यान नई नई ये खोज करता कहे अध्यात्मिक ज्ञान योग ही विज्ञान है योग ही है ध्यान नई नई ये खोज करता कहे अध्यात्मिक ज्ञान जग उत्थान का है ये साधन सदा करे उपचार प्यार करे सम्मान करे भरपूर करे