परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
देह नहीं तुम देही हो तुम
देह नहीं तुम देही हो तुम
पावन उच्च महान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
पवित्रताके गहनोंसे तुम खुद को सजा लो ये भाई
सफल करो तुम समयको अब घर जानेकी बेला आगई
प्रभु पुकारे करे इशारे दो संदेश जहांन को
देह नहीं तुम देही हो तुम पावन उच्च महान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
साथी हजार भुजाओं वाला संग तुम्हारे हरदम है
हाथ बढ़ाकर सदा सम्हाले फ़िक्र है क्या फिर क्या ग़म है
गुण रत्नोंकी खान बनो और रत्न अनोखे दान दो
देह नहीं तुम देही हो तुम पावन उच्च महान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
पिता गुरु और शिक्षक तीनो रूपमें उसको याद करो
कर्मोसे प्रत्यक्ष करो अब वक्तको मत बर्बाद करो
प्रेमसे प्रेरित सेवा करो हर आत्माको सम्मान दो
देह नहीं तुम देही हो तुम पावन उच्च महान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
देह नहीं तुम देही हो
देह नहीं तुम देही हो
तुम पावन उच्च महान हो
परमपितासे योग लगा लो तुम उसकी संतान हो
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