

प्रभु से मिलनेकी चाह है मन में प्रभु को पाने की चाह है मन में प्रभु को देखने की चाह है मन में प्रभु को सुनने की चाह है मन में तो बाबा हमारे धरा पे पधारे अव्यक्त करते है हमको इशारे मिठे बच्चे कहके पुकारे वतन में हमे वो कब से निहारे आजाओ बच्चे आजाओ बच्चे बाबा हमारे धरा पे पधारे अव्यक्त करते है हमको इशारे तकते थे राह की कब आओगे आके हमें तुम कभी तो मिलोगे दिल को हम कितना समझाते थे साथ कभी तो तुम निभाओगे तुम निभाओगे तुम निभाओगे हाथ में अपना हाथ लिए हो साथ अभी भी वो निभा रहे है मिठे बच्चे कहके पुकारे वतन में हमें वो कब से पुकारे आजाओ बच्चे आजाओ बच्चे बाबा हमारे धरा पे पधारे अव्यक्त करते है हमको इशारे प्यास थी मिलनेकी कितने समय से मिलने के खातिर है जीवन गवाए प्यार के एक बूंद को जिसके तरसे इसके लिए आसू कितने है बरसे कितने है बरसे कितने है बरसे प्यार का सागर वो अा गया है प्यार की वर्षा वो बरसा रहे है मिठे बच्चे कहके पुकारे वतन में हमे कब से निहारे आजाओ बच्चे आजाओ बच्चे बाबा हमारे धरा पे पधारे अव्यक्त करते है हमको इशारे मिठे बच्चे कहके पुकारे वतन में हमें वो कब से पुकारे आजाओ बच्चे आजाओ बच्चे —--------------------------------------