

अयम निजह परोमवेती गणना लघुचेतसा उदार चारितानामतू वसुधैव कुटुंबकम् सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है एक दूसरे से नफ़रत सारे झगड़ोका मोल है सारे झगड़ोका मोल है ये मेरा है वो तेरा है यही सोचना भूल है यही सोचना भूल है ओम शांति वो मंत्र है जो जीवन को सफल बना दे ओम शांति वो मंत्र है जो जीवन को सफल बनाये ऊंच नीच का भेद मिटाए प्रेम का पाठ पढ़ाए ऊंच नीच का भेद मिटाए प्रेम का पाठ पढ़ाए इस धरतीपर सबको सुख से जीने का अधिकार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है जाती धर्म और रंग भेद ये हमने ही बनाया ये हमने ही बनाया आत्मा का स्वधर्म भूले अपना लगे पराया अपना लगे पराया अलग अलग है रंग फूलके माटी सबकी एक है अलग अलग है रंग फूलके माटी सबकी एक है माला कोई बनाए लेकिन माली सबका एक है माला कोई बनाए लेकिन माली सबका एक है जीवन नैया पार उतारे शिव ही वह पतवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सबका मालिक एक फिर क्यु बटा हुआ संसार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है ओ ओ ओ ओ ओ म शांति ओ ओ ओ ओ ओ म शांति ओ ओ ओ ओ ओ म शांति ओ ओ ओ ओ ओ म शांत