"सबको मिलता है यहां, कर्मों का फल ..कर्मों का फल
प्रभु की याद में बन्दे तू,बिता ले ये पल.. बिता ले ये पल
अपना जीवन तू कर ले, आज सफल.. आज सफल
आता किसी के लिए नहीं, फिर कोई कल..फिर कोई कल
मन, वाणी और श्रेष्ठ कर्म से, हो जा तू सरल
मन वाणी और श्रेष्ठ कर्म से, हो जा तू सरल
बुद्धि अपनी प्रभु में लगा ले, बन जा तू निर्मल
बुद्धि अपनी प्रभु में लगा ले, बन जा तू निर्मल
सबको मिलता है यहां, कर्मों का फल.. कर्मों का फल
प्रभु की याद में बन्दे तू,बिता ले ये पल.. बिता ले ये पल
पुण्य कर्म का मिलता है, सदा ही मीठा फल
पुण्य कर्म का मिलता है, सदा ही मीठा फल
घुल मिल कर रहना सभी से, जैसे मिलता जल
घुल मिल कर रहना सभी से, जैसे मिलता जल
सबको मिलता है यहां, कर्मों का फल .. कर्मों का फल
प्रभु की याद में बन्दे तू,बिता ले ये पल .. बिता ले ये पल
योग लगा तू प्रभु से इतना, होगी ना हलचल
योग लगा तू प्रभु से इतना, होगी ना हलचल
हर विघ्नों में सदा रहेगा, तू अचल, अटल
हर विघ्नों में सदा रहेगा, तू अचल, अटल
सबको मिलता है यहां, कर्मों का फल ..कर्मों का फल
प्रभु की याद में बन्दे तू,बिता ले ये पल..बिता ले ये पल
वैर नहीं रखना किसी से, मन रखना तू विमल
वैर नहीं रखना किसी से, मन रखना तू विमल
जीवन ऐसा बन जायेगा, जैसे खिलता कमल
जीवन ऐसा बन जायेगा, जैसे खिलता कमल
सबको मिलता है यहां, कर्मों का फल.. कर्मों का फल
प्रभु की याद में बन्दे तू,बिता ले ये पल.. बिता ले ये पल
अपना जीवन तू कर ले, आज सफल.. आज सफल
आता किसी के लिए नहीं,फिर कोई कल.. फिर कोई कल ..फिर कोई कल
फिर कोई कल .. फिर कोई कल ..फिर कोई कल"
