"निसा रेसा सारे सानि नि निरे रेसा रेसा सारे सानि धनि सासा
सद्भावना की ज्योत आओ मिल के जगायें
प्रेम के प्रकाश से हर तम को मिटायें
सद्भावना की ज्योत आओ मिल के जगायें
प्रेम के प्रकाश से हर तम को मिटायें
एकता.. आआ.... एकता सद्भावना हो सभी के मन में
एकता ..आआ... एकता सद्भावना हो सभी के मन में
ऐसे भाईचारे की सरिता बहायें
एक हैं, हम एक हैं,जग सारा परिवार
प्रभु की हम सन्तान हैं, घर अपना ये संसार
एक हैं, हम एक हैं,जग सारा परिवार
प्रभु की हम सन्तान हैं, घर अपना ये संसार
आहाआआआ .. आहाआआआ
ऐसे में गाये सारा जहां ,चला है कारवां
पुकारती है ये ज़मीं, पुकारे आसमां
बदलेगा ये सारा जहां,चला है कारवां
पुकारती है ये ज़मीं पुकारे आसमां
तेरा मेरा को भुला दे जाती रंग-भेद
अपने हैं सभी अपना विश्व है ये बेहद
सत्यता के एए..पथ पर.. सत्यता के पथ पर हम स्वर्ग को लाये
ऐसे भाईचारे की सरिता बहायें
ऐसे भाईचारे की सरिता बहायें
एक हैं हम एक हैं,जग सारा परिवार
प्रभु की हम सन्तान हैं, घर अपना ये संसार
आआहाआआ आआहाआआ .....
शांति की ही शक्ति से ही शांति आयेगी
स्वधर्म ही तो शांति है,ये दुनियां मानेगी
शांति की ही शक्ति से ही शांति आयेगी
स्वधर्म ही तो शांति है,ये दुनियां मानेगी
हाथ में हाथ ले,चलें मिलकर
शिव पिता हमारा है, एक ही हो स्वर
प्रभु स्मृति का आआआ......
प्रभु स्मृति का तिलक सभी को लगायें
ऐसे भाईचारे की सरिता बहायें
सद्भावना की ज्योत आओ मिल कर जगायें
प्रेम के प्रकाश से हर तम को मिटायें
सद्भावना की ज्योत आओ मिल कर जगायें
प्रेम के प्रकाश से हर तम को मि्टायें
एकता सद्भावना हो सभी के मन में
एकता सद्भावना हो सभी के मन में
ऐसे भाईचारे की सरिता बहायें
एक हैं, हम एक हैं, जग सारा परिवार
प्रभु की हम सन्तान हैं, घर अपना ये संसार
एक हैं,हम एक हैं, जग सारा परिवार
प्रभु की हम सन्तान हैं, घर अपना ये संसार"
