समय और संसार बदल के
समय और संसार बदल के
बदले दिन और रात
मन का परिवर्तन जब होगा तब ही बनेगी बात
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
समय और संसार बदल के
जब से दुनियां बनी तब से हुए यहां
परिवर्तन
जब से दुनियां बनी तब से हुए यहां
परिवर्तन
अविष्कारों से बढ़ते गए सुख सुविधा के साधन
किन्तु परायेपन के कारण हुए घात प्रतिघात
मन का परिवर्तन जब होगा तब ही बनेगी बात
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
साथ न लाए कोई कुछ भी
साथ न लाए कोई कुछ भी
जाने सारा जमाना
ये शरीर भी यही छोड़ कर एक दिन जाना
प्रेम शांति से रहे सभी तो सुख की हो बरसात
मन का परिवर्तन जब होगा तब बनेगी बात
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
समय और संसार बदल के
समय और संसार बदल के
बदले दिन और रात
मन का परिवर्तन जब होगा तब ही बनेगी बात
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
मनमनाभव मनमनाभव मनमनाभव
मनमनाभव
