संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये समय कहता हैं आओ उड़कर वतन में जाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये समय कहता हैं आओ उड़कर वतन में जाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
कोई न पल तुमको भूलु अतिंद्रिय सुख में झुलू
सूरज चांद जब जब आते हम को तेरी यादें दिलाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये समय कहता हैं आओ उड़कर वतन में जाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये घड़ियां है कितनी प्यारी तुम ही बाबा दुनियां हो सारी
मेरे लिए तुम धरती पे आते जीवन बीते तेरी महिमा गाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये समय कहता हैं आओ उड़कर वतन में जाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
ये समय कहता हैं आओ उड़कर वतन में जाते
संगम के दिन और ये रातें हरपल मन में तुमसे बातें
