सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
कौन कहता है महज इन्सान हो
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
ख्यालों में शोला है एक चिंगारी है
सोच में एक सुबह प्यारी प्यारी है
ख्यालों में शोला है एक चिंगारी है
सोच में एक सुबह प्यारी प्यारी है
वाणी में माधुर्य मय वरदान हो...वरदान हो...
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
ओ हो हो हो हो हो हो ...हो हो हो हो हो
ओ हो हो हो हो हो हो ...हो हो हो हो हो
तुम में संचित स्नेह शक्ति संपदा
तुम अमर निर्भय सदा और सर्वदा
तुम में संचित स्नेह शक्ति संपदा
तुम अमर निर्भय सदा और सर्वदा
दिव्य ज्योति कुंज की पहचान हो...पहचान हो...
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ.....
ओ.. ओ.. ओ.. ओ..
ठान लो तो क्या जो कर सकते नही
कौनसी पीड़ा जो हर सकते नही
ठान लो तो क्या जो कर सकते नही
कौनसी पीड़ा जो हर सकते नही
गर्क तिनकों के लिए। तूफान हो...तूफान हो...
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
ओ हो हो हो हो हो हो ...हो हो हो हो हो
ओ हो हो हो हो हो हो ...हो हो हो हो हो
आहे भरती सिसकियों में आरजू
तुम को इस घर की रखनी आबरू
आहे भरती सिसकियों में आरजू
तुम को इस घर की रखनी आबरू
शान हो म धरती का अरमान हो ...अरमान हो ...
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो
तुम सर्व शक्तिमान की सन्तान हो ...
कौन कहता है महज इंसान हो...
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो ...
सर्व शक्तिमान की सन्तान हो ....
