शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
उनके तन में बैठे शिव का ओ ओ ओ ओ
उनके तन में बैठे शिव का
हमने अलौकिक प्यार देखा
शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
भोली सुरतीया नयन नूरानी
मस्तक में एक चमक रूहानी
भोली सुरतीया हो हो
उनकी अनोखी चमक से हमने
देखा है संसार अनोखा
उनकी अनोखी
उनके तन में बैठे शिव का ओ ओ ओ ओ
उनके तन में बैठे शिव का
हमने अलौकिक प्यार देखा
शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
निंदा की जिसने उसे अपनाया
गिरते हुए को जिसने उठाया
कर्म किए अनोखे जिसने ओ ओ
कर्म किए अनोखे जिसने
गुणों का श्रृंगार देखा
शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
उनके तन में बैठे शिव का ओ ओ ओ ओ
उनके तन में बैठे शिव का
हमने अलौकिक प्यार देखा
शिव के रथ को इस दुनिया में
हमने है साकार देखा
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