

मन हुआ शिवमय, मनमनाभव का संगीत। भाव हुआ शिवमय, शिवमनाभव का गीत॥ श्वासों में गूँजे मनमनाभव, प्राणों में बसे शिवमनाभव। शिव बाबा की याद में मगन, मन को लगी ऐसी लगन॥ हर लहर में शिव का गान, मिटा देह का भान। रोम-रोम में बसा एक नाम — शिवमनाभव... शिवमनाभव... हर प्रश्न का उत्तर – शिवमनाभव हर श्वास का स्वर – शिवमनाभव हर तूफ़ान का तट – शिवमनाभव हर साधना का पथ – शिवमनाभव हर रात्रि का प्रभात – शिवमनाभव हर प्रतीक्षा की सौगात – शिवमनाभव हर भूल का बोध – शिवमनाभव हर जन्म का शोध – शिवमनाभव हर कारण का निवारण – शिवमनाभव हर आत्मा का प्रण – शिवमनाभव हर समस्या का समाधान – शिवमनाभव हर योगी का प्राण – शिवमनाभव हर ख़जाने की कुंजी – शिवमनाभव हर पूण्य की पूंजी – शिवमनाभव हर अंधकार का दीपक – शिवमनाभव हर चेतना में व्यापक – शिवमनाभव हर बन्धन से मुक्ति – शिवमनाभव हर तृष्णा की तृप्ति – शिवमनाभव हर पिंजरे का आकाश – शिवमनाभव हर मन का प्रकाश – शिवमनाभव हर परीक्षा का साहस – शिवमनाभव हर पल का सुहास – शिवमनाभव हर घाव का मरहम – शिवमनाभव हर दोष पर रहम – शिवमनाभव हर मोह का विराग – शिवमनाभव हर तप की आग – शिवमनाभव हर बन्धन से मुक्ति – शिवमनाभव हर संकल्प की शक्ति – शिवमनाभव हर भय का ताबीज़ – शिवमनाभव हर जय का बीज – शिवमनाभव हर हृदय का आश्रय – शिवमनाभव हर कदम में निश्चय – शिवमनाभव हर आँसू की मुस्कान – शिवमनाभव हर दिल का गान – शिवमनाभव हर अभाव की सम्पन्नता – शिवमनाभव हर संघर्ष की सहजता – शिवमनाभव हर पीड़ा की राहत – शिवमनाभव हर ऊर्जा की आहट – शिवमनाभव हर रोग का इलाज – शिवमनाभव हर योग का ताज – शिवमनाभव हर शब्द का सार – शिवमनाभव हर गले का हार – शिवमनाभव हर थकान का विश्राम – शिवमनाभव हर सीता का राम – शिवमनाभव हर कण्ठ का जप – शिवमनाभव अजपासा एक जाप – मनमनाभव हर लहर में शिव का गान, मिटा देह का भान। रोम-रोम में बसा एक नाम — शिवमनाभव... शिवमनाभव...