सुबह जब नैन खुलते है तो शिव का दर्श होता है कही भी मै रहु बाबाका सर पे हाथ होता है सुबह जब नैन खुलते है तो शिव का दर्श होता है अकेला मै नहीं रहता के बाबा संग चलता है मेरी सासो में बसता है सुबह जब नैन खुलते है तो शिव का दर्श होता है कही भी मै रहु बाबा के सर पे हाथ होता है ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति मेरे नैनो में मेरा शिव समाया है मीठा बाबा प्यारा हमने पाया है हमारी भक्ति का फल देने आया है बनो का डोस गुण ये कहने आया है जिन्हें हम याद करते है वो संगम पर ही आते है बनो अब देवता सारे ये कहने शिव ही आते है सुबह जब नैन खुलते है तो शिव का दर्श होता है कही भी मै रहु बाबाका सर पे हाथ होता है