

"उड़के वतन में आ जाओ उड़के वतन में आ जाओ मेरे लाड़लो राजदुलारो नैनों के नूर रूहानी सितारों अव्यक्त फरिश्ता बन जाओ उड़के वतन में आ जाओ उड़के वतन में आ जाओ समय से पहले संपन्न बनके वापस घर तुम्हें चलना है समय से पहले संपन्न बनके वापस घर तुम्हें चलना है स्वर्णिम विश्व के रंगमंच पर स्वर्णिम विश्व के रंगमंच पर अब तुम्हें फिर से उतरना है बांह पसारे बाबा वतन में राह निहारे कब से आ जाओ उड़के वतन में आ जाओ बनना बाप समान है तुमको सारे ज्ञान का सार यही है दिव्य गुणों से खुद को सजा लो जीवन का श्रृंगार यही है जग के झूठे तोड़के बंधन अब अपने घर आ जाओ मेरे लाडलो राजदुलारो उड़के वतन में आ जाओ उड़के वतन में आ जाओ मेरे लाडलो राजदुलारो नैनों के नूर रूहानी सितारों अव्यक्त फरिश्ता बन जाओ उड़के वतन में आ जाओ उड़के वतन में आ जाओ"