तेरे मन में अगर कोई उलझन हो मुझे खुलके बता देना
मुझे खुलके बता देना
ये जीवन है अनमोल बहुत इसको ना गवां देना
इसको ना गवां देना
तेरे मन में अगर कोई उलझन हो मुझे खुलके बता देना
जिस राह पे हो बस अंधियारा उस राह पे जाना क्यूं
आ हाथ पकड़ ले तू मेरा इतना घबराना क्यूं
जिस राह पे हो बस अंधियारा उस राह पे जाना क्यूं
आ हाथ पकड़ ले तू मेरा इतना घबराना क्यूं
इतना घबराना क्यूं
कोई गलती भी हो जाए अगर खुद को ना सजा देना
खुद को ना सजा देना
जब दोष तेरा कोई है ही नहीं खुद को क्यूं सजा देना
खुद को क्यूं सजा देना
तू जो सोचेगा वो होगा ये राज है जीवन का
कोई बाहर की ये बात ना है सब खेल है भीतर का
जो सोचेगा वो होगा ये राज है जीवन का
कोई बाहर की ये बात ना है सब खेल है भीतर का
सब खेल है भीतर का
उस रहबर का जो साथ हो तो हर बात बना देगा
उसे साथी बना लेना
तेरे मन में अगर कोई उलझन हो उसे खुलके बता देना
उसे खुलके बता देना
ये जीवन है अनमोल बहुत इसको ना गवां देना
खुद को ना सजा देना
तेरे मन में अगर कोई उलझन हो मुझे खुलके बता देना
