उठो बाबा के प्यारो तुम प्रभात प्यारी आई
उठो बच्चो अब जागो वतन से आवाज आई
उठो बाबा के प्यारो तुम
खोलो आंख और देखो वतन से कौन आए
नजरो से निहाल करने वरदानों को वो लुटाए
धीमी धीमी बजे कानो में उनके प्यार की शहनाई
उठो बाबा के प्यारो तुम प्रभात प्यारी आई
सुबह का समय प्यारा तन से जो करे न्यारा
फरिश्ता बन के उड़े हम क्या अनोखा है नजारा
संगम की दुनिया में अनोखीही बहार आई
उठो बाबा के प्यारो तुम प्रभात प्यारी आई
वो देखो खड़े सम्मुख अव्यक्त बाप दादा
करना है जो सारे दिन में करो बाबा से वो वादा
बाबा की मिलन की सुहानी घड़ी आई
उठो बाबा के प्यारे तुम प्रभात प्यारी आई
प्रभात प्यारी आई
उठो बाबा के प्यारो तुम प्रभात प्यारी आई
प्रभात प्यारी आई
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