एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
दोनों से मेरे जीवन का है नाता
दोनों से मेरे जीवन का है नाता
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
मन में लेकर कितनी दुविधा जाने कबसे ढूंढ़ रहा था
ईश्वर कौन कहा है रहते जाने कबसे ढूंढ़ रहा था
आकर देह में हमको बताया रूप ज्योतिर्बिंदु घर परमधाम
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
सत्यम शिवम् सुंदरम की महीमा कब से सुनता आया
मैने दाता राज ये समझा संगम पर जब तुने ये बताया
अब तो तुम्ही तो जीवन देते एक यही लगी अभिलाषा
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
सुख शांति और पवित्रता का अनुपम ये उपहार मिला
भूल न पाऊंगा कभी बाबा मुझपर जो उपकार किया
जबसे मैने तुम्हें अपनाया जीवन खुशियों से नहलाया
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
दोनों से मेरे जीवन का है नाता
दोनों से मेरे जीवन का है नाता
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा एक मेरी मंजिल एक तु ही ज्ञाता
एक शिवबाबा एक ब्रह्माबाबा
