

फूलो सा मुस्कुराना गमों को पीके जीना गिरे हुए को उठाना ऊंचे लक्ष्य रख चलना जो हार कर न हारना सिखा हो उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदगी गमों को खुशी में बदले काटो की रात सम्हले प्रभु प्रेम में वो मचले कर दे जीवन उजाले आसान बना दे मुश्किलों को जो उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदगी पत्थर भी चोट खाकर मूरत बन जाए सहन कर जो इंनसा शहंशाह कहलाए कितने भी बादल हो सूरज को कौन छिपाए सच की राह पे चलता जो जग उसका गुण गए व्यर्थ को त्याग करके जीवन को दिव्य बनाके मंजिल को अपनी तान के निज को पहचान के जो और के लिए जीकर सेवा करता है उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदगी बूंद बूंद के नीरज से समुंदर मुस्कुराता पल पल जो करे मेहनत जीवन उच्च बनाता निर्माण बने जो तूफा में वो आगे बढ़ता जाता घनघोर अंधेरे के कारण सुखद सवेरा आता जो सबसे मिलके चलता मीठे बोल से सुख देता वो सबपे प्यार लुटाता हर विघ्नों को जीत लेता सम्मान जो दिलसे सबको देता है उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदगी उसे कहते है जिंदग