विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
मिटाने कली रात्रि को सूर्य बन बाप आया है
मिटाने कली रात्रि को सूर्य बन बाप आया है
बने तुम पूज्य से पूजक उतरकर पतित दुनिया में
जोड़ते हाथ मंदिर में बनकर हीन दुनिया में
वही पतित पावन शिव तुम्हारे घर में आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
सवेरा पास आया है
सवेरा पास आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
भटकता क्यू है फिर दरदर विकारी आज धंधों में
बढ़ाकर प्रेम दुनिया में फसा क्यू इनके फंदे में
संभल अब जग के फंदो से छुड़ाने बाप आया है
संभल अब जग के फंदो से छुड़ाने बाप आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
समय थोड़ा है जीवनका करो पहचान अब शिव की
मिटा कर मोह दुनिया से करो पहचान निज घर की
बनाने नर से नारायण विधाता आज आया है
बनाने नर से नारायण विधाता आज आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
विकारी नींद को त्यागो सवेरा पास आया है
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