असत्य से सत्य का पथ जो दिखाता, अंधकार से प्रकाश का मार्ग जो बताता, वो है सत्संग..... मृत्यु से अमरता की ओर जो ले जाता तमोप्रधान से सतोप्रधान बनने की जो प्रेरणा देता वो है सत्संग..... मौन स्पर्श से जो सदा अलौकिक शक्तियां देता, निर्बल से बलवान जो आत्मा को सहज बना देता वो सत्संग है ....... रूहानी खुशियों की महक से रूह को जो खिला देता अदृष्य पालना से जो जीवन में निखार लाता वो सत्संग है ....... जीवन जीने की कला जो हमे हर पल सिखाता मन में आँगन में दिव्य गुणों को जो खिलाता वो सत्संग है ...... देहाभिमान के ग्रीष्म ऋतु को शीतल जो करता, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार से जो सब को छुड़ाता वो सत्संग है ...... जो उजियारा लाता वो सत्संग है ...... जो अनुभव कराता, वो सत्संग है ...... जो प्रभु प्रेम बढ़ता वो सत्संग है ..... जो सत्य का दीप जलता वो सत्संग है ...... जो समाधान दिलाता, वो सत्संग है ...... जो महानता लाता, वो सत्संग है ...... जो मधुर गीत गाता, वो सत्संग है ......