ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
मिलन सिंधु में जब समाये हुए हैं समाये हुए हैं
जमाना तो क्या तेरी यादों में भगवन
ये तन मन भी अपना भुलाए हुए हैं भुलाए हुए हैं
ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
गगन झुक गया... वक्त भी ठहरा ठहरा
जमी भी ये जैसी जमी रह गई है
रूहानी समा... देखते देखते ये...
आंखें खुली थी खुली रह गई है
दृष्टि से सृष्टि बदलकर हमारी
सितारों से दामन सजाये हुए हैं सजाये हुए हैं
ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
घड़ी ये बड़ी 100 बरस की उमर से
होते निहाल तेरी जब नजर से
ये जादू नहीं तो भला और क्या है
की मिलते उधर हम गुजरते जिधर से
हम खो गए हैं नयन में तुम्हारे
जो चित को हमारे चुराए हुए हैं चुराए हुए हैं
ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
सितारों से आगे ये कैसा जहां है बहुत दूर तक रोशनी रोशनी है
ये परियों की नगरी फरिश्तों की दुनिया
अनोखी यहां चांदनी चांदनी है
कभी कान में गुजंती है मुरलिया
कभी सामने जैसे आए हुए हैं आए हुए हैं
ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
मिलन सिंधु में जब समाये हुए हैं समाये हुए हैं
जमाना तो क्या तेरी यादों में भगवन
ये तन मन भी अपना भुलाए हुए हैं भुलाए हुए हैं
ये सबसे सुहाने पल है जिंदगी के
