... जैसे सहज योगी वैसे सहज पवित्र आत्मा। बी होली नहीं, वह हैं ही होली। उन्हों के लिए यह स्लोगन नहीं है कि ‘‘बी होली”। ... (अव्यक्त मुरली - 23 March 1981)
पवित्र भव
Be pure
పవిత్ర భవ