अव्यक्त मुरली
... शरीर का ऑक्यूपेशन स्वप्न में भी याद रहता है। कोई क्लर्क है, कोई वकील है, बिजनेस करने वाला है-तो भूलता नहीं। ऐसे यह ब्राह्मण जीवन का ऑक्यूपेशन कि मैं हीरो पार्टधारी हूँ-यह पक्का होना चाहिए ...
3 November 1992
A writer in public office
లేఖకుడు; గుమస్తా
लेखक; मुन्शी