अव्यक्त मुरली
... यह सोचा कि इतने सब जा रहे हैं तो मिलने की विधि कैसी होगी! इस सुध-बुध से भी न्यारे हो गये! न स्थान देखा न रिजर्वेशन को देखा। ...
7 April 1986
Place reserved
రిజర్వేషను; ప్రత్యేకింపు
आरक्षण