संस्कृत
... यहाँ भी ज्ञान स्नान कर ऐसी शक्ति धारण करो जो अछूत नजदीक न आयें। माया भी क्या है? अछूत।... (अव्यक्त मुरली - 29 May 1970)
अस्पृश्य
Untouchable
అంటరానివారు; తాకలేరు