संस्कृत
… अभी-अभी अधिकारीपन का नशा और अभी-अभी वैराग वृत्ति का नशा – इस प्रैक्टिस में कहाँ तक स्थित हो सकते हैं – यह चेक कर रहे थे। … (अव्यक्त मुरली - 27 November 1987)
अधिकार का भाव; हकदार का भाव
Feeling of ownership and authority
అధికారితనము