साकार मुरली
... अज्ञानी मनुष्य तो कुछ भी नहीं समझते। बड़े बखेरे बना देते हैं, है कुछ भी नहीं। तुम प्रैक्टिकल में देख रहे हो सतयुग में यह बातें नहीं होती हैं ...
3 October 2018
संस्कृत
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