अव्यक्त मुरली
... सिर्फ बाप चाहते हैं कि बराती बनकर नहीं चलना, सज़नी बनकर चलना। सुनकर के तो सभी बहुत खुश हो रहे हैं ...
3 April 1997
हिंदी
Participant in the marriage procession
పెళ్ళి ఊరేగింపులోని వ్యక్తి
बारात में जाने वाला व्यक्ति