साकार मुरली
… अब बेहद की रात पूरी हो रही है, दिन आने वाला है, वापिस घर चलना है इसलिए अब दर-दर भटकना बंद करो ...
14 March 2017
अरबी
To wander; To miss one's way
పరిభ్రమించుట; దారి తప్పి తిరుగుట
रास्ता भूलना; गुमराह होना