अव्यक्त मुरली
... दिन-प्रतिदिन देखेंगे – जैसे धन के भिखारी भिक्षा लेने के लिए आते हैं वैसे शान्ति के अनुभव के भिखारी आत्मायें भिक्षा लेने के लिए तड़पेंगी। ...
21 January 1971
संस्कृत
A beggar
బికారి
भिक्षुक