अव्यक्त मुरली
... आजकल की आत्मायें विनाशी साधनों में या तो बहुत मस्त नशे में चूर हैं और या दु:ख अशान्ति से थके हुए ऐसी गहरी नींद में सोये हुए हैं ...
27 March 1986
संस्कृत
Immersed
తన్మయము; లీనము
तन्मय; लीन