संस्कृत
... अब यथार्थ रूप में मन्सा संकल्प से, स्मृति-स्वरूप में गुणगान करते हो और भक्ति में स्थूलता में आते हैं तो मुख से गाने लग पड़ते हैं। ... (अव्यक्त मुरली - 4 March 1972)
गुणों की प्रशंसा करना
Praising the qualities
గుణాలను గానం చేయుట