अव्यक्त मुरली
… कई पंछी उड़ते हुए बापदादा की अंगुली पर भी आकर बैठते। कई कंधे पर भी आकर बैठते...
21 November 1981
संस्कृत
Shoulders
భుజములు
स्कंध
ಭುಜಗಳು