संस्कृत
… तो हर प्रेजन्ट घड़ी को दाता बन प्रेजन्ट को पास्ट में बदलना, तो सर्व प्रकार की आत्मायें दिल से आपका कीर्तन गाती रहेंगी। ... (अव्यक्त मुरली - 31 December 1986)
ईश्वर की आराधना में गायन करना
Singing in praise of God
కీర్తన