अव्यक्त मुरली
... बोझ समझने से कोई भी कर्म यथार्थ नहीं होगा। स्थूल में भी जब कोई कार्य का बोझ पड़ जाता है तो कुछ तोडेंगे, कुछ फोडेंगे, कुछ मन मुटाव होगा, डिस्टर्ब होंगे। कार्य भी सफल नहीं होगा ...
17 May 1983
संस्कृत
Disagreement; Dissension
మనస్పర్థ; అభిప్రాయభేదము; విభేదము
मतभेद; विवाद