अव्यक्त मुरली
... मनमत वा परमत बुद्धि द्वारा ऐसे समाप्त हो जाए जैसे कोई चीज़ होती ही नहीं। मनमत वा परमत को संकल्प से टच करना भी स्वप्नमात्र भी न हो – अर्थात् अविद्या हो। ...
25 January 1979
संस्कृत
Dictates of your own mind
స్వ మతము; తమకు తోచిన విధంగా
मनमाना