संस्कृत
... जब आँख थोड़ी ठीक नहीं होती है तो पलक घड़ी-घड़ी नीचे ऊपर होती रहती है। यह भी तीसरा नेत्र अगर यथार्थ रीति से ठीक होगा अर्थात् दिव्य बुद्धि यथार्थ रीति से स्वच्छ होगी तो एक टिक होगा। ... (अव्यक्त मुरली - 29 June 1970)
नेत्रों का सुरक्षात्मक आवरण; पपोटा
Eyelid; A moment
కనురెప్ప; క్షణము