संस्कृत
... जितना होना चाहिए उतना नहीं होता। इसका विशेष कारण है – परदृष्टि, पराचिंतन, परपंच में जाना। ... (अव्यक्त मुरली - 13 November 1985)
ढोंग, वह काम जो किसी को धोखे में डालकर कोई स्वारध साधने के लिए किया जाए
Deception
మోసము; వంచన