संस्कृत
... बाप कहेंगे मैं भी तुमको स्वीकार करता हूँ, परन्तु याद रखना मेरी पत नहीं गँवाना। मेरा बनकर फिर विकार में नहीं जाना। ... (साकार मुरली - 13 March 2017)
इज़्जत
Respect
గౌరవము; పరువు