साकार मुरली
... आजकल तो मनुष्य राख भी लेकर कितना परिक्रमा करते हैं। भाव बैठा हुआ है ...
25 April 2016
संस्कृत
Ashes
బూడిద
भस्म; किसी जली हुई चीज़ की ख़ाक