अव्यक्त मुरली
... अब ‘‘शान्ति” का तीर चलाओ। जिससे रेत में भी हरियाली कर सकते हो। कितना भी कड़ा सा पहाड़ हो लेकिन पानी निकाल सकते हो ...
13 November 1981
संस्कृत
Sand
ఇసుక
ख़ुशक मिट्टी