अव्यक्त मुरली
... एक साथी और दूसरा साक्षी, यह दोनों अनुभव होंगे, जिसको दूसरे शब्दों में साक्षी अवस्था अर्थात् बिन्दु रूप की स्टेज कहा जाता है और साथीपन का अनुभव अर्थात् अव्यक्त स्थिति का अनुभव कहा जाता है।...
31 May 1972
संस्कृत
Companionship
సాహచర్యము; మైత్రి
साहचर्य; मैत्रि