संस्कृत
... संगमयुग के ब्राह्मण जीवन की विशेषता है ही सार रूप में स्थित हो – सदा सुख-शान्ति के, खुशी के, ज्ञान के, आनन्द के झूले में झूलना।... (अव्यक्त मुरली - 7 January 2018)
हमेशा; नित्य
Forever
ఎల్లప్పుడూ