अव्यक्त मुरली
... जैसे स्थूल साधन द्वारा सैर कर सकते हैं, वैसे ही जब चाहों, जहाँ चाहो वहाँ का अनुभव कर सकते हो। न सिर्फ इतना, जो सिर्फ आपको अनुभव हो लेकिन जहाँ आप पहुँचो उन्हों को भी अनुभव होगा कि आज जैसे प्रैक्टिकल मिलन हुआ ...
11 October 1975
अरबी
A stroll; An excursion
షికారు; విహారము; పరిభ్రమణము
विहार