संस्कृत
... सदा यह तीन बातें याद करो – त्रिकालदर्शी फिर साक्षी दृष्टा और उसकी रिज़ल्ट विश्व के आगे दृष्टान्त रूप। इस स्थिति को सदा याद रखो तो सदा बन्धन मुक्त जीवनमुक्त अवस्था का अनुभव करेंगे... (अव्यक्त मुरली - 30 January 1979)
साक्षी होकर देखनेवाला
Detached observer
సాక్షిగా అయ్యి దర్శించువాడు